कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली की अध्यक्षता तथा पुलिस अधीक्षक श्री विक्रांत मुराव की उपस्थिति में मंगलवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय के नर्मदा सभागार में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पूर्व में आयोजित बैठकों में लिए गए निर्णयों एवं दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए सड़क सुरक्षा से संबंधित विभिन्न कार्यों की विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में कलेक्टर श्री पंचोली ने सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी निर्माण एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर सड़क सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता के आधार पर प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनहित में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है तथा इस दिशा में सभी विभागों को सक्रिय एवं जिम्मेदारीपूर्ण भूमिका निभानी होगी। कलेक्टर ने अधिकारियों को जिले में संचालित ओवरलोड वाहनों पर विशेष निगरानी रखने तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ओवरलोडिंग सड़क दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण है, इसलिए इस पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित कर दुर्घटनाओं की संभावनाओं को न्यूनतम किया जाए, जिससे आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री विक्रांत मुराव ने कहा कि जिले में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने एवं यातायात नियमों के प्रभावी पालन हेतु विशेष जनजागरूकता अभियान संचालित किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि यातायात नियमों के पालन तथा हेलमेट के अनिवार्य उपयोग के संबंध में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा जनहानि को रोकने के लिए नागरिकों द्वारा यातायात नियमों का पालन किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आमजन से वाहन चलाते समय हेलमेट का नियमित उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि हेलमेट न केवल कानूनी आवश्यकता है, बल्कि दुर्घटना की स्थिति में जीवन की सुरक्षा का महत्वपूर्ण साधन भी है। उन्होंने संबंधित विभागों को जनजागरूकता के साथ-साथ नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में यातायात विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि जिले में पूर्व में चिन्हित 11 ब्लैक स्पॉट्स में से अधिकांश स्थानों पर सड़क सुरक्षा संबंधी सुधारात्मक कार्यों एवं दुर्घटनाओं में कमी आने के कारण उन्हें ब्लैक स्पॉट की श्रेणी से हटा दिया गया है। वर्तमान में केवल 4 ब्लैक स्पॉट शेष हैं, जो राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित हैं। विभाग द्वारा यह भी जानकारी दी गई कि वर्ष 2026 में अब तक जिले में 187 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें 232 व्यक्ति घायल हुए हैं तथा 71 लोगों की मृत्यु हुई है। इस पर कलेक्टर श्री पंचोली ने दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु प्रभावी एवं ठोस कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
बैठक में जिले के चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स सांदा तिराहा, बदरा तिराहा, पसला ढाबा एवं तुलरा चौराहा पर सड़क सुरक्षा के आवश्यक उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने इन स्थानों पर रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था, स्पीड ब्रेकर, संकेतक बोर्ड एवं अन्य आवश्यक सुरक्षात्मक व्यवस्थाएं शीघ्र स्थापित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए संबंधित विभागों को समन्वित एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करनी होगी तथा इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में सड़क सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई। इस दौरान चचाई रोड स्थित नो-एंट्री पॉइंट पर समुचित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने, भुंडा कोना एवं राजेंद्रग्राम क्षेत्र में आवश्यकतानुसार स्पीड ब्रेकर निर्माण कराने तथा अमरकंटक चौराहे में स्पीड ब्रेकर लगाने, आदर्श मार्ग, शंकर मंदिर तिराहा सहित अन्य प्रमुख तिराहों एवंचौराहों पर अतिक्रमण एवं यातायात जाम की समस्या के निराकरण हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। साथ ही नगर पालिका अनूपपुर, यातायात विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों को समन्वय स्थापित कर सप्ताह में एक दिन अतिक्रमण हटाओ अभियान संचालित करने के निर्देश प्रदान किए गए। बैठक में सड़क सुरक्षा, यातायात प्रबंधन एवं जनसुविधाओं से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में डिप्टी कलेक्टर श्री कमलेश पुरी, जिला परिवहन अधिकारी श्री सुरेंद्र सिंह गौतम, यातायात प्रभारी श्री विनोद दुबे सहित अन्य संबंधित विभाग के विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।











Leave a Reply