खंडवा जिले की जनपद पंचायत किल्लोद के अंतर्गत ग्राम पंचायत गंभीर में 15वें वित्त आयोग की राशि से करीब 5 लाख 68 हजार रुपये की लागत से बनी सीमेंट कांक्रीट सड़क अब विवादों में आ गई है। वार्ड नंबर 1 के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण को गुणवत्ताहीन बताते हुए जनपद पंचायत सीईओ और कलेक्टर से शिकायत की है।

ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क का लेवल सही नहीं रखा गया, तय मापदंड के अनुसार सामग्री का उपयोग नहीं हुआ और निर्माण में लापरवाही बरती गई। उनका कहना है कि सड़क बनने के बाद भी पानी भर रहा है, जिससे गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण के दौरान न तो विभाग के इंजीनियर मौके पर मौजूद थे और न ही ग्राम पंचायत का कोई जिम्मेदार अधिकारी।

वहीं, प्रभारी सचिव सुरेंद्र कड़ोले ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सड़क का निर्माण गुणवत्तापूर्ण हुआ है। उन्होंने बताया कि इंजीनियर ने ले-आउट दिया था और हर समय मौके पर मौजूद रहना संभव नहीं होता।

उधर, जनपद पंचायत किल्लोद के सीईओ जितेंद्र ठाकुर ने कहा है कि ग्रामीणों से शिकायत आवेदन प्राप्त हुआ है और मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।