खिरकिया। एक अच्छा मकान बनाना हर व्यक्ति का सपना होता है। खासकर गरीब एवं मध्यमवर्गीय व्यक्ति अपनी मेहनत की कमाई से परिवार के लिए अच्छा घर बनाना चाहता है। इसके लिए लोग कॉलोनियों में प्लाट खरीदकर मकान बनाते हैं। खिरकिया एवं छीपाबड़ नगरीय क्षेत्र में वर्तमान समय में अवैध कॉलोनियों का मकडज़ाल फैला हुआ है। अवैध कॉलोनियों में कॉलोनाइजर अपने स्वामित्व की कृषि एवं व्यवसायिक भूमि पर मनमाने दामों पर प्लाट बेच रहे हैं। प्लाट बेचते समय बड़े-बड़े दावे कॉलोनाइजर करते हैं। कॉलोनी के बाहर एवं नगरीय क्षेत्र में बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगाकर लोगों को प्लाट खरीदने आकर्षित किया जाता है। लेकिन इन कॉलोनियों में प्लाट खरीदने के बाद मकान बनाकर रहे वाले रहवासियों को सुविधाएं नहीं दी जाती। जिन लोगों ने खिरकिया एवं छीपाबड़ में अवैध अथवा वैध कॉलोनियों में प्लाट खरीदे हैं। वे आज भी कॉलोनी में पक्की रोड, नाली एवं स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे हैं। इनमें से अवैध कॉलोनियों में बारिश के दिनों में कीचड़ भरे रास्ते से होकर लोगों को अपने घर तक पहुंचना पड़ता है। नाली निर्माण नहीं होने से गंदा पानी रोड तक फैलता हैं। साथ ही स्ट्रीट लाइट नहीं होने से रात के अंधेरे में लोगों को परेशानी होती है। खिरकिया एवं छीपाबड़ में कृषि एवं व्यवसायिक भूमि पर कॉलोनियों का मकडज़ाल लगातार बढ़ रहा है। कहीं खेतों में प्लाट बेचे जा रहे हैं तो कहीं सरकारी नाले से लगी भूमि पर प्लाट बेचने के दौरान नाले पर ही अवैध कब्जा तक कॉलोनाइजर कर रहे हैं। ऐसा नहीं है कि प्रशासन को इसकी भनक नहीं हैं। परंतु अवैध कॉलोनियों के विरूद्ध कोई ठोस एवं बड़ी कार्रवाई नहीं होने से कॉलोनाइजरों के हौंसले बुलंद हैं। जिला प्रशासन के दबाव में कार्रवाई के नाम पर स्थानीय प्रशासन द्वारा कभी-कभी सिर्फ कागजी खानापूर्ति की जाती है। प्रशासन के कुंभकर्णी नींद सोने का फायदा कॉलोनाइजर उठा रहे हैं। खिरकिया एवं छीपाबड़ के वार्ड-6, 9, 10, 15 में अवैध कॉलोनियों का तेजी से विस्तार हुआ है। परंतु स्थानीय नगर परिषद एवं राजस्व विभाग द्वारा अवैध कॉलोनियों के विरूद्ध कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। ऐसे में कॉलोनी में रहने वाले लोग महंगे दामों पर प्लाट खरीदने के बाद लाखों रूपए खर्च कर अपना घर बनाकर खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। नगर परिषद एवं राजस्व विभाग के बीच बेहतर तालमेल नहीं होने से यह स्थिति बनी हुई है। 


कॉलोनाइजरों पर यह कार्रवाई होने का है प्रावधान
-मप्र नगर पालिका अधिनियम और प्रस्तावित संशोधनों के तहत अवैध निर्माण या कॉलोनी में जरूरी सुविधाएं न देकर धोखाधड़ी करने पर 3 से लेकर 10 साल तक की सजा और लाखों रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है।
-तय मानकों और अनुमति के बिना बसाई गई कॉलोनियों या बुनियादी ढांचे को तोडऩे (ध्वस्तीकरण) की कार्रवाई की जाती है।
-नई प्रशासनिक व्यवस्था के तहत अवैध कॉलोनी में नियमों की अनदेखी पर समय पर कार्रवाई नहीं होती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर भी प्रतिदिन के हिसाब से आर्थिक जुर्माना लगाने का नियम है।


इनका कहना हैं....
मैंने हाल ही में खिरकिया का प्रभार संभाला है। नगर परिषद में फिलहाल सीएमओ का पद रिक्त है। नए सीएमओ की आमद होने के बाद नगरीय क्षेत्र की अवैध एवं वैध कॉलोनियों में सुविधाओं की समीक्षा करेंगे। इसके बाद नियमों का पालन नहीं करने वाले कॉलोनाइजरों के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। 
रजनी वर्मा, एसडीएम खिरकिया