📰 पूरी खबर:
खिरकिया। नगर सहित ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को रेलवे गेट बंद होने के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार आधा-आधा घंटा गेट बंद होने से रेलवे गेट के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लगती है। जिससे वाहन चालकों के साथ-साथ राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। साथ ही नगर के मेन रोड पर ट्रॉफिक जाम की स्थिति बनने से व्यवस्था बिगड़ती है। इसी के मद्देनजर केन्द्र सरकार द्वारा खिरकिया में वर्ष 2023 में 57 करोड़ रूपए की लागत से रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण कार्य को मंजूरी प्रदान की गई। रेलवे के इस ओवरब्रिज निर्माण के लिए दो साल से प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए रेलवे ने खिरकिया के वार्ड क्रमांक-7 में बाड़ी मैदान के रास्ते से रेलवे लाइन के उस पार वार्ड क्रमांक-1 एवं 5 के हिस्से में मंगलवार हाट बाजार से चौकड़ी रोड तक ओवरब्रिज निर्माण के लिए स्थल का चयन भी कर लिया है। इस आरओबी निर्माण में ऐसे 62 घरों को भी चिन्हित किया गया है। जिन्हें तोड़ा जाकर प्रभावितों को मुआवजा मिलेगा। खिरकिया में बहुप्रतिक्षित इस रेलवे ओवरब्रिज निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। परंतु खिरकिया के कुछ लोग इसमें अड़ंगा लगा रहे हैं। नगर की एक समिति इस आरओबी निर्माण में आपत्ति लेकर नक्शा में बदलाव चाहती है। जबकि नगर का गरीब एवं मध्यमवर्गीय सहित एक बड़ा धड़ा रेलवे के वर्तमान प्रस्तावित स्थल पर ही ओवरब्रिज निर्माण के पक्ष में हैं। लेकिन समिति के अड़ंगे से ओवरब्रिज निर्माण शुरू होने में अकारण देरी हो रही है। इसे लेकर नगर में चर्चाओं का दौर भी चल रहा है कि बीना रिफाइनरी की तरह ओवरब्रिज निर्माण भी खिरकिया से छीन ना जाएं।
ऐसे में बिना रिफाइनरी की तरह खिरकिया से रेलवे ओवरब्रिज निर्माण की सौगात भी छीन सकती है। दरअसल बुधवार को रेलवे के ओवरब्रिज निर्माण के लिए एसडीएम कार्यालय में जनसुनवाई थी। जहां कुछ लोगों ने पहुंचकर प्रस्तावित स्थल पर ओवरब्रिज निर्माण पर आपत्ति ली है। जबकि कुछ लोगों ने प्रस्तावित स्थल पर ही निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने की मांग भी रखी है। अब चर्चा यह है कि बीना रिफाइनरी जैसे खिरकिया में स्थापित होने से रह गई। कहीं इस तथाकथित समिति के अड़ंगे के कारण अब रेलवे का ओवरब्रिज निर्माण भी ठंडे बस्ते में चला जाएं। नगर में अब चर्चा है कि जिन लोगों के अड़ंगे से भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिडेट की रिफाइनरी खिरकिया से छीनकर बीना चल गई। अब उन्हीं लोगों के कारण कहीं रेलवे ओवरब्रिज निर्माण की प्रक्रिया अटक ना जाएं। यदि ऐसा हुआ तो आने वाले कई सालों तक रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण शुरू नहीं हो सकेगा। जिसका खामियाजा खिरकिया नगर, ग्रामीण सहित पड़ोसी जिले खंडवा के किल्लौद ब्लॉक के लोगों को भुगतना पड़ेगा।
क्षेत्र के हजारों युवाओं से छीन गया रोजगार
खिरकिया में रिफाइनरी का निर्माण नहीं होने का दर्द आज यहां की युवा पीढ़ी में हैं। क्योंकि रिफाइनरी के निर्माण से क्षेत्र के हजारों युवाओं को रोजगार मिलता। लेकिन इसी प्रकार की तथाकथित समिति ने रिफाइनरी के खिरकिया में निर्माण का विरोध कर दिया। इसके चलते यह तेल रिफाइनरी सागर जिले के बीना में चली गई। जहां तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव ने वर्ष 1995 में इस रिफाइनरी की आधारशिला नींव रख गई। यह रिफाइनरी मई 2011 में राष्ट्र को समर्पित की गई। यह रिफाइनरी खिरकिया मेंं यदि स्थापित होती तो आज क्षेत्र के युवाओं को वहां नौकरी मिलती। वहीं रोजगार के लिए मध्यप्रदेश एवं देश के दूसरे शहरों में जाकर नौकरी नहीं करना पड़ता। क्योंकि आज बीना की रिफाइनरी से हजारों लोगों को रोजगार मिलने से उनके परिवार एवं जीवन में खुशी बनी हुई है।
एसडीएम ने रेलवे अधिकारियों के साथ किया निरीक्षण
खिरकिया में रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के रेलवे के प्रस्तावित स्थल का बुधवार को एसडीएम रजनी वर्मा ने रेलवे के अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। उन्होंने तहसील कार्यालय के पास मंगलवार बाजार एवं चौकड़ी रोड के रास्ते एवं प्रभावितों के मकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान तहसीलदार लवीना घाघरे एवं रेलवे के अधिकारी उपस्थित थे। साथ ही जिला पंचायत सीईओ अंजली जोसफ जोनाथन ने भी अधिकारियों के साथ रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया।
इनका कहना हैं....
रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के संबंध में आयोजित जनसुनवाई में 38 लोगों के आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से अधिकांश की मंशा है कि आरओबी निर्माण के लिए हमारी भूमि अधिग्रहण कर प्रक्रिया को शुरू करें। जबकि शेष लोग नक्शे में बदलाव चाहते हैं। उन्होंने बताया कि रेलवे की सूची के आधार पर आरओबी निर्माण कार्य के प्रभावित लोगों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शासन के निर्देश पर शुरू करेंगे।
रजनी वर्मा, एसडीएम खिरकिया