📰 पूरी खबर:
खिरकिया। हरदा-खंडवा स्टेट हाईवे पर सड़क की बदहाल स्थिति और हाल ही में किए गए पेचवर्क की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। सड़क पर जगह-जगह किए गए मरम्मत कार्य के बाद अब पहली बारिश में ही पेचवर्क उखड़ने लगा है, जिससे सड़क की गुणवत्ता और मरम्मत कार्य की निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं।
मौके की तस्वीर में सड़क के बड़े हिस्से में गिट्टी उखड़ी हुई दिखाई दे रही है। कई स्थानों पर सड़क की ऊपरी परत कमजोर होकर टूटने लगी है। तेज़ बारिश के बाद स्थिति और खराब होने की आशंका है। हरदा-खंडवा स्टेट हाईवे एमपीआरडीसी के अंतर्गत आने वाली सड़क है, ऐसे में सड़क के रखरखाव और मरम्मत कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की है।
( पेचवर्क की गुणवत्ता पर सवाल )
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर मरम्मत के नाम पर किए गए पेचवर्क का टिकाऊपन पहली बारिश में ही सामने आ गया है। यदि बारिश के शुरुआती दौर में ही सड़क की मरम्मत उखड़ने लगे तो आगामी दिनों में भारी बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है।
सड़क पर बिखरी गिट्टी दोपहिया वाहन चालकों के लिए विशेष रूप से परेशानी का कारण बन रही है। तेज रफ्तार वाहनों के गुजरने पर गिट्टी उछलने और दोपहिया वाहन के फिसलने से दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
( जनता के पैसों का हो सही उपयोग )
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क की मरम्मत पर सरकारी राशि खर्च की जाती है। ऐसे में यदि मरम्मत कार्य कुछ ही समय में खराब हो जाए तो यह केवल सड़क की समस्या नहीं, बल्कि जनता के पैसों के उपयोग और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी से जुड़ा सवाल भी है।
लोगों ने मांग की है कि सड़क की स्थिति का मौके पर निरीक्षण कराया जाए, पेचवर्क की गुणवत्ता की जांच की जाए और जहां मरम्मत उखड़ गई है वहां मानक के अनुरूप दोबारा कार्य कराया जाए। साथ ही जिम्मेदार ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय करने की मांग उठ रही है।
जनता का सवाल साफ है—जब पहली बारिश में ही पेचवर्क उखड़ने लगे तो क्या सड़क की मरम्मत निर्धारित मापदंडों के अनुसार की गई थी? अब देखना होगा कि एमपीआरडीसी इस मामले में क्या कार्रवाई करती है।
- इनका कहना है:-
मुख्य मार्ग में जहां सड़क की स्थिति ज्यादा खराब हो गयी है, वहां अभी पेचवर्क का काम किया जायेगा। बारिश के बाद सड़क का कार्य पूर्ण करवाया जायेगा।
भूपेंद्र कापसे, सब इंजीनियर, एमपीआरडीसी।