MP में यहां डूब जाएंगे गांव, इसलिए भड़का आदिवासी समाज, 40 KM पैदल यात्रा, गांव-खेती बचाने सड़कों पर उतरे आदिवासी, सरकार पर गंभीर आरोप

Spread the love

हरदा जिले में गंजाल–मोरण्ड बांध परियोजना को लेकर आदिवासी समुदाय का विरोध तेज हो गया है। अपने हक और जमीन की रक्षा के लिए सैकड़ों ग्रामीण सड़कों पर उतर आए और लंबी पैदल यात्रा कर कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने की कोशिश की।

जल-जंगल-जमीन के लिए सड़क पर उतरे आदिवासी, बांध के खिलाफ बड़ा आंदोलन

हरदा जिले की गंजाल नदी पर बन रहे गंजाल–मोरण्ड बांध से हरदा के साथ-साथ बैतूल और नर्मदापुरम जिले के कई आदिवासी गांव डूब क्षेत्र में आ रहे हैं।
डूब प्रभावितों का कहना है कि इस परियोजना से उनकी जमीन, जंगल और आजीविका पूरी तरह खत्म हो जाएगी।

आदिवासी समुदाय ने करीब 35 से 40 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर विरोध जताया। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए प्रदर्शनकारी “जल-जंगल-जमीन हमारा है” जैसे नारे लगाते हुए आगे बढ़े।
इस आंदोलन में महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली।

राकेश ककोडिया, आदिवासी नेता
“इस योजना के जरिए हमारी जमीन छीनी जा रही है, लेकिन अभी तक हमें पुनर्वास के लिए कोई जमीन नहीं दी गई है।”

आंदोलनकारियों का आरोप है कि बिना उचित मुआवजा और पुनर्वास के उन्हें विस्थापित किया जा रहा है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है।
प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। रास्ते में पुलिस बल तैनात रहा और अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उनकी मांगों को उच्च स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।

जय उइके, जिला पंचायत सदस्य
“परियोजना की जद में 20 से 25 गांव आ रहे हैं, लेकिन विस्थापन को लेकर अब तक कोई स्पष्ट योजना नहीं है, सिर्फ मुआवजे की बात हो रही है।”

हरदा कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने शहर के बाहर ही प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर उनका ज्ञापन लिया।
साथ ही NVDA के साथ प्रतिनिधिमंडल की बैठक कर समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया गया और प्रदर्शनकारियों को वापस भेजने के लिए वाहन की व्यवस्था भी की गई।

सिद्धार्थ जैन, कलेक्टर हरदा
“प्रदर्शनकारियों का ज्ञापन राज्य स्तर पर भेजा जाएगा और समस्या के समाधान के लिए उचित कार्रवाई की जाएगी।”

आदिवासी नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ, तो आंदोलन और उग्र हो सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *