जबलपुर से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में दोहरे हत्याकांड के चार आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि केवल संदेह के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ ने क्रिमिनल अपील नंबर 557/2016 में यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया।जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस एके सिंह की बेंच ने चार आरोपियों को मिली उम्रकैद की सजा को निरस्त कर दिया।
मामला मंडला जिले के दोहरे हत्याकांड से जुड़ा था, जिसमें आरोपियों पर कालीराम और मंगल सिंह की हत्या का आरोप था। निचली अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हालांकि, अपील में आरोपियों की ओर से पेश अधिवक्ता शक्ति प्रकाश पांडे ने तर्क दिया कि उनके मुवक्किलों को झूठा फंसाया गया है और उनके खिलाफ कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य मौजूद नहीं हैं। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मामले के सभी साक्ष्यों का गहन परीक्षण किया। कोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष की कहानी में कई गंभीर विरोधाभास हैं और घटनाक्रम की कड़ी यानी ‘चेन ऑफ इवेंट्स’ पूरी तरह स्थापित नहीं हो पाई। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि केवल संदेह के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता, और चारों आरोपियों को बरी कर दिया।