रिपोर्ट- संतोष व्यास सांवेर
इंदौर जिले की सांवेर तहसील के बालरिया गांव में आखातीज (अक्षय तृतीया) के शुभ मुहूर्त पर क्षत्रिय मेवाड़ा कुमावत समाज का भव्य नि:शुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया गया। इस आयोजन में समाज के 32 जोड़े परिणय बंधन में बंधे।सामूहिक विवाह का पूरा खर्च समाजसेवी कैलाश चंद धनेरिया द्वारा वहन किया गया। कार्यक्रम में करीब 8 हजार समाजजन शामिल हुए और नवदंपतियों को आशीर्वाद दिया। आयोजक धनेरिया परिवार द्वारा सभी वधुओं को सोने-चांदी के सुहाग चिन्ह, शादी के जोड़े और गृहस्थी के उपयोगी सामान भेंट किए गए।
तुलसी-शालिग्राम विवाह से हुई शुरुआत
सम्मेलन की शुरुआत भगवान शालिग्राम और तुलसी माता के प्रतीकात्मक विवाह से हुई। इसके बाद सभी 32 जोड़ों के फेरे एक साथ संपन्न कराए गए। आयोजन में मंडप, तोरण, वरमाला, आशीर्वाद समारोह, भोजन, टेंट, पेयजल, शहनाई वादक और बैंड-बाजे की सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई थी।
क्या है आखातीज का महत्व
आखातीज (अक्षय तृतीया) को अबूझ मुहूर्त माना जाता है। इस दिन बिना पंचांग देखे विवाह और अन्य मांगलिक कार्य किए जाते हैं। सामूहिक विवाह के साथ तुलसी विवाह कराने की परंपरा से घर में सुख-समृद्धि आती है और समाज में फिजूलखर्ची पर भी नियंत्रण होता है।