दक्षिण पन्ना वनमण्डल में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत गर्मियों के दौरान वन्यजीवों एवं पक्षियों के लिए पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। विभिन्न वन परिक्षेत्रों में वनकर्मियों द्वारा नवाचार और श्रमसाध्य प्रयासों के माध्यम से जल स्रोतों की मरम्मत, सुधार एवं संरक्षण किया जा रहा है, जिससे वन्यजीवों को भीषण गर्मी में राहत मिल सके। कल्दा रेंज अंतर्गत वनरक्षक नाका जुर्सिंहा में वनरक्षक वीरेंद्र पटेल,शाहनगर रेंज के बोरी बीट में वन्यजीवों एवं पक्षियों के लिए मिट्टी के सकोरे एवं पुराने मोटरसाइकिल टायरों को सीमेंट कर उनमें पानी भरकर अभिनव जल संरचनाएं तैयार की गई हैं। इस कार्य में बीट गार्ड प्रेम नारायण वर्मा का सराहनीय सहयोग रहा।
शाहनगर रेंज के उमरिया बीट में वनरक्षक आशीष कुमार पांडे द्वारा न केवल पेयजल व्यवस्था की गई है, बल्कि सॉल्ट लिक विकसित करने का भी नवाचार किया गया है। लगभग 10×4 फीट आकार एवं 10 सेमी गहराई में समतल भूमि पर नमक डालकर सॉल्ट लिक तैयार किया गया है। सॉल्ट लिक वन्यजीवों के लिए आवश्यक खनिज तत्वों की पूर्ति करता है, जिससे उनकी शारीरिक वृद्धि, पाचन एवं स्वास्थ्य में सुधार होता है तथा वे जंगल के भीतर ही बने रहते हैं। आशीष पांडे द्वारा विभिन्न झिरियाओं एवं अन्य प्राकृतिक जल स्रोतों की मरम्मत, साफ-सफाई, मेड़ निर्माण एवं पत्थर पिचिंग का कार्य भी किया गया है।
शाहनगर रेंज में ही करौंदी, रामपुर एवं अन्य बीटों में वनरक्षक राजेश यादव, संतोष रजक तथा अन्य द्वारा झिरिया सुधार कार्य निरंतर जारी है। पवई रेंज के तालगांव पश्चिम बीट में भी वनरक्षक गजेंद्र आरख द्वारा झिरिया की साफ-सफाई एवं मरम्मत कार्य किया गया है। वनमण्डल में केवल जल स्रोतों का निर्माण ही नहीं, बल्कि उनकी नियमित निगरानी भी की जा रही है। शाहनगर रेंज के सर्किल मरहा में परिक्षेत्र सहायक राम प्रसाद पटेल के नेतृत्व में गश्ती दल द्वारा बीट ताला एवं आसपास के वन क्षेत्रों में भ्रमण कर जल स्रोतों की स्थिति का अवलोकन किया गया।