धार जिले के तारापुर में मूक-बधिर बच्चों के लिए स्कूल एवं प्रशिक्षण केंद्र का भूमि पूजन

Spread the love

धार जिले के धरमपुरी क्षेत्र के तारापुर में आज एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक पहल के तहत मूक-बधिर बच्चों के लिए प्रथम विद्यालय, कॉलेज, वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर एवं पुनर्वास केंद्र का भूमि पूजन किया गया। यह संस्थान “आनंद सर्विस सोसाइटी” के माध्यम से जनसहयोग से विकसित किया जा रहा है और यह पूरे जिले में मूक-बधिर बच्चों के लिए समर्पित पहला संस्थान होगा।

कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत गणेश पूजन के साथ हुई, जिसके बाद भूमि पूजन संपन्न कराया गया। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक कालू सिंह ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

विधायक की घोषणा

विधायक कालू सिंह ठाकुर ने इस अवसर पर अपनी विधायक निधि से 10 लाख रुपये की राशि एवं एक ट्यूबवेल स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह संस्थान विशेष बच्चों के भविष्य को नई दिशा देगा और आवश्यकता पड़ने पर हर संभव सहयोग दिया जाएगा।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन

कार्यक्रम में मूक-बधिर बच्चों ने अतिथियों का स्वागत पुष्पमाला और सांकेतिक भाषा के माध्यम से किया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत नृत्य एवं भगवान राम के भजनों पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया और उपस्थित जनसमूह को भावुक कर दिया।

विशेष सहयोग और उपस्थित अतिथि

इस अवसर पर कई जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिनमें संतोष ठाकुर (तारापुर), शिवजी पाटीदार, मनीष छावड़ा (रोटरी क्लब धामनोद), नरोत्तम वरकड़े (सहायक आयुक्त), सीमा सोनी (अतिरिक्त संचालक, आदिवासी विकास), आनंद सोनी (संयुक्त महाप्रबंधक वित्त, हुडको भारत सरकार), निलेश माहेश्वरी (विधायक मीडिया प्रतिनिधि), एवं ग्राम तारापुर के सरपंच शामिल रहे।

रायसेन कृषि उपज मंडी के उपाध्यक्ष पूरण सिंह लोधी का भी इस कार्य में विशेष सहयोग रहा।

सरकारी एवं संस्थागत सहयोग

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि प्रदेश के महामहिम राज्यपाल मंगूभाई पटेल द्वारा इस पुनीत कार्य के लिए 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है, जिससे परियोजना को और गति मिलेगी।

छात्रावास की शुरुआत

आनंद सर्विस सोसाइटी द्वारा मूक-बधिर बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो, इसके लिए कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास काली बावड़ी में प्रारंभ किया गया है।

निष्कर्ष

यह पहल न केवल मूक-बधिर बच्चों के लिए शिक्षा और प्रशिक्षण के नए अवसर खोलेगी, बल्कि समाज में समावेशिता, सेवा और संवेदनशीलता का एक प्रेरणादायक उदाहरण भी प्रस्तुत करेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *