उज्जैन अजय नवरंग
उज्जैन, 25 अप्रैल। कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में सिंहस्थ महापर्व 2028 के अंतर्गत CSR (कॉर्पोरेट की सामाजिक जिम्मेदारी) के माध्यम से आवश्यक सहयोग प्रदान करने के लिए स्थानीय उद्योगों के संचालक और प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक श्री प्रथम कौशिक, MPIDC के एक्सिक्यूटिव डायरेक्टर श्री राजेश राठौड़, GAIL India Limited सहित पीथमपुर, महू, नागदा, देवास, उज्जैन के स्थानीय इंडस्ट्रियल एरिया के प्रमुख उद्योगों के संचालक और प्रतिनिधि उपस्थित थे।
MPIDC द्वारा Power Point प्रेजेंटेशन के माध्यम से सिंहस्थ महापर्व की रूपरेखा और आवश्यकताओं की विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि सिंहस्थ 2028 के दौरान लगभग 30करोड़ श्रद्धालुओं के उज्जैन आने की संभावना है। यह विश्व का सबसे बड़ा आध्यात्मिक समागम होगा, जो कॉर्पोरेट जगत के लिए अनूठा CSR अवसर प्रस्तुत करता है।
पहलों के जरिए न सिर्फ लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि ब्रांड को *अभूतपूर्व दृश्यता*, CSR अनुपालन और दीर्घकालिक सामाजिक विरासत भी प्राप्त होगी।
बैठक में चर्चा के दौरान बताया गया कि सिंहस्थ में पेयजल आपूर्ति के लिए 500 वाटर एटीएम अनुमानित लागत 10 करोड़ रुपए, मेडिकल सुविधाएं (अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र, एम्बुलेंस, बोट एम्बुलेंस), सैनिटाइजेशन के अंतर्गत 1,50,000 मोबाइल टॉयलेट्स एवं युरिनल अनुमानित लागत 50 करोड़ रुपए, घाटों पर महिलाओं के लिए 2000 चेंजिंग रूम अनुमानित लागत 6 करोड़ रुपए, हाइब्रिड सोलर लाइटिंग, 3000 मोबाइल चार्जिंग स्टेशन, 500 ई वी चार्जिंग स्टेशन, अनुमानित लागत 47.5 करोड़ रुपए, 20 हजार डस्टबिन (जीरो वेस्ट इवेंट के लिए), बैरिकेडिंग, 10,0000 डायरेक्शनल साइनेज अनुमानित लागत 30 करोड़ रुपए,सौंदर्यीकरण, वॉलंटियर यूनिफॉर्म, ई-कार्ट और शिप्रा नदी की सफाई व्यवस्था के लिए सहयोग की आवश्यकता है।
प्रयागराज कुंभ में फार्मा, आदानी विल्मर, एशियन पेंट्स, बजाज इलेक्ट्रिकल्स, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, आईडीबीआई बैंक, आईआईएफएल फाउंडेशन, स्विगी, इंस्टामार्ट, वेलस्पन आदि कंपनियों ने स्वास्थ्य शिविर, भोजन वितरण, LED स्क्रीन्स, हॉट वॉटर बैग्स, वॉटर एटीएम, पोलिस बूथ आदि सुविधाएं प्रदान की और सराहनीय ब्रांडिंग हासिल की है। इससे एकल-खिड़की नियंत्रण एवं सख्त निगरानी, पूर्ण CSR अनुपालन,ग्लोबल ब्रांडिंग एवं अंतरराष्ट्रीय मान्यता जैसे लाभ मिलेंगे।
यह सिर्फ भागीदारी नहीं, बल्कि आध्यात्मिक अवसर पर मिशन में योगदान और संस्थागत प्रतिष्ठा को नई ऊंचाई देने का सुनहरा अवसर है।
कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह ने बैठक में कहा कि सरकार द्वारा सिंहस्थ के अंतर्गत इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर व्यापक कार्य वर्तमान में प्रगतिरत है। जिनमें 29 किमी के नए घाट, इंदौर-उज्जैन 6-लेन रोड, नई सड़कें, रेलवे सुविधाएं और एयरपोर्ट विकास शामिल हैं। साथ ही शिप्रा नदी में बेहतर जल आपूर्ति के लिए सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना व कान्ह क्लोज डक्ट परियोजना भी प्रगति पर है।
कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि सिंहस्थ में इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ मेले के दौरान अस्थाई सेवाएं प्रदान करने के लिए निजी जन-भागीदारी और CSR के माध्यम से उद्योग क्षेत्र का सहयोग भी आवश्यक है। उन्होंने पीथमपुर, उज्जैन, नागदा और महू के औद्योगिक क्षेत्रों के उद्योगपतियों से अपील की कि वे सिंहस्थ को “सीमलेस” और “जीरो वेस्ट ” आयोजन बनाने में अपना योगदान दें।
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक श्री प्रथम कौशिक ने कहा कि वर्तमान में हरिफाटक ब्रिज के पास इंदौर रोड पर बन रहे श्री महाकालेश्वर भक्त निवास में उद्योगपति रूम स्पॉन्सरशिप या मेंटेनेंस के माध्यम से योगदान दे सकते हैं। बैठक में प्रयागराज कुंभ 2026 के CSR उदाहरणों का भी उल्लेख किया गया।
कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि सिंहस्थ के अवसर पर श्रद्धालुओं को निर्बाध रूप से सुविधाएं प्रदान करना ताकि वे यहां से सुखद अनुभव ले कर जाएं न केवल हमारी ड्यूटी है, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी भी है। इसमें सभी के सहयोग की अपेक्षा है। सिंहस्थ में उद्योगों को न केवल सेवा देने का बल्कि अपनी ब्रांडिंग के साथ स्थायी विरासत छोड़ने का भी अच्छा मौका मिलेगा। उन्होंने सभी से अपील की कि वे शीघ्र अपनी क्षमता के अनुसार CSR के माध्यम से सहयोग दें।
बैठक में उपस्थित उद्योगपतियों ने कलेक्टर श्री सिंह की अपील पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने अपनी सुविधानुसार जल्द ही प्रस्ताव देने की बात कही।