उमरिया में शिक्षक पर छात्राओं से दुर्व्यवहार का आरोप, अभिभावकों का आक्रोश बढ़ा, जांच तेज

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उमरिया तपस गुप्ता

जिले के नौरोजाबाद थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा व्यवस्था और विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर नई चिंता खड़ी कर दी है। एक शासकीय विद्यालय में पदस्थ शिक्षक पर छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोप लगे हैं। घटना के सामने आने के बाद अभिभावकों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है और उन्होंने पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, कक्षा के दौरान शिक्षक द्वारा छात्राओं के प्रति अमर्यादित व्यवहार किए जाने की शिकायत सामने आई है। इस घटना से एक छात्र मानसिक रूप से प्रभावित हुआ, जिसके बाद परिजनों को पूरे मामले की जानकारी मिली। जैसे ही यह बात फैलती गई, अभिभावक स्कूल पहुंचे और प्रबंधन से जवाब-तलब किया। इसके बाद परिजनों ने नौरोजाबाद थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपी शिक्षक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।

अभिभावकों का कहना है कि वे अपने बच्चों को सुरक्षित माहौल और बेहतर शिक्षा की उम्मीद के साथ विद्यालय भेजते हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं उनके भरोसे को तोड़ देती हैं। एक अभिभावक ने नाराजगी जताते हुए कहा कि गुरु को समाज में सबसे सम्मानित स्थान दिया गया है, लेकिन जब वही जिम्मेदार व्यक्ति मर्यादा का उल्लंघन करता है, तो पूरी शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दोषी को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए बाल कल्याण समिति ने भी इस प्रकरण का संज्ञान लिया है। समिति के सदस्यों ने छात्र के हितों को सर्वोपरि बताते हुए प्रशासन से त्वरित और निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही छात्र की काउंसलिंग और सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात भी कही गई है, ताकि वह मानसिक रूप से सहज महसूस कर सके।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने प्राथमिक जांच शुरू कर दी है। संबंधित शिक्षक से पूछताछ की जा रही है और विद्यालय प्रबंधन से भी आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है। शिक्षा विभाग ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए आंतरिक जांच के संकेत दिए हैं।

करकेली जनपद अंतर्गत हड़हा माध्यमिक शाला के हेड मास्टर गणेश प्रसाद त्रिपाठी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया, जिससे उनकी प्रतिक्रिया सामने नहीं आ सकी।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का अनुचित व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी निष्पक्षता से की जाएगी और यदि आरोप सही पाए गए तो सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

फिलहाल पूरे मामले पर पुलिस और प्रशासन की नजर बनी हुई है। इस घटना ने एक बार फिर विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और शिक्षकों की जवाबदेही पर गंभीर बहस छेड़ दी है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, ताकि सच सामने आ सके और पीड़ित पक्ष को न्याय मिल सके।

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