नीमच (सिंगोली)। विगत एक माह से नगर में चल रही तैयारियों का परिणाम बुधवार को विराट हिन्दू सम्मेलन के रूप में सामने आया। संघ शताब्दी वर्ष के अवसर पर 28 जनवरी को नगर के गौतमालय भवन से एक भव्य और ऐतिहासिक शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर सहभागिता की। राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत अनेक आकर्षक झांकियां भी शोभायात्रा का प्रमुख आकर्षण रहीं। पूरे नगर में उत्साह और श्रद्धा का वातावरण बना रहा।
शोभायात्रा गौतमालय भवन से प्रारंभ होकर जैन मंदिर, चौधरी मोहल्ला, अहिंसा पथ, बापू बाजार, विवेकानंद बाजार, पुराना बस स्टैंड, तिलस्वां चौराहा, नया बस स्टैंड होते हुए सभा स्थल पुरानी नगर पालिका पहुंची, जहां यह धर्मसभा में परिवर्तित हो गई।
धर्मसभा में पहुंचे विशिष्ट अतिथि
धर्मसभा को संबोधित करने के लिए संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी विक्रम सिंह सिसौदिया (प्रांत प्रमुख, धर्म जागरण), वरिष्ठ संत भड़केश्वरी पीठाधीश्वर श्री रामप्रियदास जी महाराज (थड़ोद) तथा मातृशक्ति प्रतिनिधि के रूप में बहन साक्षी पुरोहित उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता एवं भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना से हुई।
संत रामप्रियदास जी का उद्बोधन
संत श्री रामप्रियदास जी ने कहा कि संघ का शताब्दी वर्ष मनाना हम सभी के लिए गर्व का विषय है। संघ हिन्दू समाज को एकजुट करने का कार्य कर रहा है। उन्होंने गौ माता के संरक्षण, संस्कृति के पालन और सामाजिक एकता पर बल देते हुए कहा कि हमें अपनी परंपराओं के अनुरूप जीवन शैली अपनानी चाहिए।
बहन साक्षी पुरोहित का संदेश
बहन साक्षी पुरोहित ने अपने उद्बोधन में पंच परिवर्तन, पारिवारिक सामूहिकता, जल-जंगल-जमीन की रक्षा और अधिकारों के साथ कर्तव्यों के बोध पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जागरूक नागरिक बनकर ही राष्ट्र को विश्वगुरु बनाया जा सकता है।
विक्रम सिंह सिसौदिया ने दिया एकता का संदेश
मुख्य वक्ता विक्रम सिंह सिसौदिया ने कहा कि हमें गर्व है कि हम संघ के स्वयंसेवक हैं। संघ अपनी स्थापना के सौ वर्ष पूरे कर चुका है, लेकिन हिन्दू समाज की पूर्ण एकता का लक्ष्य अभी भी अधूरा है। उन्होंने एक प्रेरक कथा के माध्यम से समाज को अपनी शक्ति पहचानने का संदेश दिया और राष्ट्र रक्षा के भाव को जागृत करने का आह्वान किया।
आभार प्रदर्शन एवं स्नेह भोज
कार्यक्रम के अंत में विराट हिन्दू सम्मेलन के नगर संयोजक निशांत जोशी ने सभी अतिथियों, कार्यकर्ताओं एवं नगरवासियों का आभार व्यक्त किया।
सभा का संचालन राहुल सोनी ने किया। धर्मसभा के पश्चात गौतमालय भवन परिसर में नगरवासियों के लिए प्रसादी (स्नेह भोज) का आयोजन भी किया गया।